फेस बुक पर पूछे गये प्रश्नों के उत्तर (9 july 2013)

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राहुल शर्मा: मैं 18 वर्ष का हूं, काफी पतला हूं। अपनी शेहत ठीक करना चाहता हूं कुछ उपाय बताईये?
जो व्यक्ति बहुत दुबले पतले होते हैं  इसका अर्थ होता है कि उनमें पित्त की अधिकता होती है। उन्हें रात के बने बासी भोजन को सुबह 8 बजे से पहले ग्रहण करना चाहिए। रात को रोटियां बना कर उनमें घी लगा कर रख दें और सुबह उठ कर 8 बजे से पहले वह रात का रखा खाना खा लें। साथ ही चाय का सेवन बंद कर देना चाहिए। दोपहर का भोजन नहीं करना चाहिए। यदि भूख लगे तो फल इत्यादि ले सकते हैं। केवल दो समय भोजन करना चाहिए। सुबह और शाम। सुबह का भोजन प्रात: 8 बजे से पहले कर लेना ही सर्वदा हितकर होता है। रात में सोते समय दो चमच बादाम का तेल ले कर ऊपर से गर्म दूध का सेवन करना चाहिए। एक चम्मच इसबगोल की भूस्सी में समभाग मिश्री डाल कर रात में भिगो कर रख दें सुबह खाना खाने के बाद गर्म दूध से इसका सेवन किया जा सकता है। ऐसा करने से पेट की कब्जियत में फायदा पहुंचता है जिसका सीधा असर शेहत पर पड़ता है। या फिर अच्छी सेहत प्राप्त करने के लिए हमारे संस्थान से आप रसायन भी मंगवा सकते हैं।
 
देव कुमार: मुझे पेट में गर्मी है, कोई उपाय बताईये?
जिन व्यक्तियों को शरीर में रक्त की कमी हो जाती है तो उनके शरीर में गर्मी बढ जाती है। ऐसे व्यक्ति को चाय का सेवन बिल्कुल बंद कर देना चाहिए। तला भोजन खाने से परहेज करना चाहिए।  सुबह 8 बजे से पहले खाना खा लेना चाहिए और दोपहर का भोजन नहीं लेना चाहिए। सुबह खाने के साथ या खाने से पहले आधा किलो दही में देशी खांड डाल कर लें उसका सेवन करने से पेट की गर्मी जैसे परेशानी हमेशा के लिए समाप्त हो सकती है। दोपहर में भोजन नहीं करना चाहिए भूख लगने पर फल आदि लें या नींबू पानी में शहद डाल कर ले सकते हैं। 
इसके अलावा हमारे केन्द्र से पुर्ननवारिस्ट, शोथांतक वटी, और रसायन आदि का पूरा एक कोर्स मंगवा कर उसका उपयोग भी कर सकते हैं। जिससे पेट की गर्मी और पेट संबंधी अन्य परेशानियों में भी लाभ मिलेगा। 
 
राजीव गिलौरिया: वैद्य जी मेरी किड़नी में पथरी है। जाती ही नहीं है। बार बार होती है। बहुत परेशान हूं कोई सुझाव दें।
देखिये शरीर में कहीं भी पथरी हो उसे घोला जा सकता है जैसे पथरी का निर्माण हुआ है वैसे ही धीरे धीरे करके औषधि द्वारा वह शरीर से बाहर निकाली जा सकती है। 
स्वेत परकटी, पत्थर  बेल, यवक्षार, कलमी शोरा,  सब को बराबर -बराबर मात्रा में लेकर और इसके समभाग तिरफला मिला कर रोजाना दिन में 6 बार उपयोग करने से लाभ मिलता है।  इसके अलावा पथरी के रोगी को इमली की खटाई का उपयोग करना चाहिए। अमोघ औषधि केवड़े के अंदर थोडा कपूर रख कर खाने से भी पत्थरी दूर हो जाती है। यवक्षार आदि चूर्ण बराबर मात्रा में मिश्री मिला कर लेने से भी पथरी की समस्या दूर हो जाती है। 
पथरी के मरीज को एल्यूमिनियम के बर्तन में खाना पकाना बंद कर देना चाहिए। सुबह  8 बजे से पहले भोजन कर लेना चाहिए। 
या आप हमारे संस्थान से विशेष औषधि- रसायन, यवक्षरादी चूर्ण, गाक्षुरादी गुगगल आदि औषधि मंगवा कर उनका भी सेवन करके लाभ प्राप्त कर सकते हैं। 
 
वैद्य जी से सीधे मिल कर खाली पेट नाड़ी दिखा कर औषधि लेने से यथा शीघ्र लाभ प्राप्त किया जा सकता है। मिलने का समय लेने एवं वैद्य जी द्वारा विशेष विधि और वैदिक मंत्रों से अभीमंत्रित औषधियों को प्राप्त करने के लिए आप हमारी वैबसाईट देखें: